Saral Jyotish Part 1,2,3,4,5,6.7 - Astrology Simplified [English] by VP Goel Publisher: Performonks Education Also, Check other parts of Saral Jyotish by VP Goel: Saral Jyotish (Part 1) [English] Saral...
Title: Vakri Grah Rahasya (वक्रि ग्रह रहस्य)Author: Lt. Col. Raj KumarLanguage: HindiCategory: Astrology Description:"Vakri Grah Rahasya" is a profound exploration of the mysterious effects of retrograde planets (Vakri Grah) in...
चिकित्सा ज्योतिष के मौलिक तत्व Author- KS Charak
चिकित्सा ज्योतिष के मौलिक तत्व वैदिक ज्योतिष की एक स्तरीय पुस्तक है I इसमें जन्म कुंण्डली के विश्लेषण से सम्बंधित नियमो, विशेष रूप से रोग तथा इसके विभिन्न पहलुओ पर ध्यान केंद्रित किया गया है I इस पुस्तक के मुख्य आकर्षण है :
1.रोग के सम्बन्ध में कुंण्डली के विश्लेषण के नियम I
2.कुंण्डली से रोग निर्धारण की अचूक विधि का वर्णन एवं चार वर्ग कुण्डलियो तथा दो प्रकार की दशाओ का प्रयोग I
3. आरोग्य एवम अनारोग्य के नियमो का विवेचन I
4. जन्मजात रोगों के योग I
5.रोगों का प्रकोप तथा उनके परिणामो का सही समय सुनिशिचत करने की विस्तृत विधि I
6. शरीर के किस अंग में रोग होने की सम्भावना है, इसके सम्बन्ध में भावो तथा ग्रहो के कारकत्व एवं द्रेष्काण के प्रयोग का संकेत I
7. बालारिष्ट तथा अरिष्ट भांग के नियमो का विस्तार से वर्णन I
8.रोगों की उत्पति व् परिणाम का निर्णय करने के लिए ज्योतिष के सूक्ष्म नियमो, जैसे बाइसर्वे द्रेष्काण , चौषटवे नवांश, सर्वद्रेष्काण , गुलिक आदि का प्रयोग I
9.रोगों के सूचक कुछ शास्त्रीय योग तथा उनका वास्तविक कुण्डलियो के माध्यम से वैज्ञानिक विवेचन I
Mystics Of Sarvato Bhadra Chakra And Astrological Predictions Author- MK Agarwal Sarvato Bhadra Chakra is an instrument which can most accurately predict and also verify correctness of astrological predictions. It...
ESSENTIALS OF MEDICAL ASTROLOGY Author- KS Charak The Essentials of Medical astrology is the standard book on Vedic astrology which lays down detailed principles relevant to the analysis of a...
SUBTLETIES OF MEDICAL ASTROLOGY Author- KS Charak The Subtleties of Medical Astrology is the second and more advanced, work on medical astrology by the author who is both an astrologer...
Author-- Prash Trivedi It is common knowledge that the 12 star-signs map the sky and set the stage for the drama of life. This book expands this awareness manifold by...
जातकदेशमार्ग Author- Maharishi Abhay Katyayan
भारतीय ज्योतिषशास्त्र में तीन स्कन्धों के जातकस्कन्ध शीर्ष पर है I जन्मपत्रिका का निर्माण तथा फलादेश इसी स्कंध के आधार पर है I जातकशास्त्र ही होराशास्त्र भी कहलाता है एवं इसी शास्त्र पर संस्कृत में श्रीपद्धमनाभीसोम्याजीप्रणीत 'जातकदेशमार्ग' भी एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ है I 'जातकदेशमार्ग' में लगभग ५१२ संतुलित श्लोक है I सम्पूर्ण ग्रन्थ में सत्रह अध्याय जिन्हें संज्ञाप्रकरण, विवेक प्रकरण, अरिष्ट, अरिष्ट भंग, आयुविर्भाग, आयु योग, मरणनिर्णय, योग, अष्टकवर्ग, भाव विचार, गोचर फल, दशापहार, भार्याविचार, आनुकूल्य, पुत्र- चिंता, संतान चिंता तथा मिश्रकाध्याय नाम दिए गए है I
इस ग्रन्थ में ऐसी अनेक विलक्षण बाते है जो कि उत्तरी भारत में लिखे गए ग्रंथो में उपलब्ध नहीं होती है I ग्रन्थ में बालारिष्टो, अरिष्टभंग तथा आयुयोगो का अति उत्तम विवेचन सौष्ठवपूर्वक किया गया है I जनमाह के नो विशेष दोषो के महत्वपूर्ण प्रभाव का विवेचन एवं मांदी (मुलिक) तथा यमकंटक जैसे उपग्रहों की फलित में क्या महत्ता है ? इसका दिग्दर्शन किया गया है I संतान एवं विवाह समय के ज्ञान एवं फलादेश के लिए अनेक प्रकार के स्फुटो का गणित तथा फलित विस्तारपूर्वक समझाया गया है I
फलित नाड़ी ज्योतिष ग्रह युति (एक विह्गम दृष्टिपात )
१. नाड़ी ग्रंथो का परिचय
२. भृगु - नंदी नाड़ी : मूल सिद्धांत
३. ग्रहो की प्रवृति
४. दो अथवा तीन ग्रहो की युति के प्रभाव
५. चार या अधिक ग्रहो की युति
६. जीवन पथ विशलेषण - गुरु गोचर चक्र
७. नाड़ी ज्योतिष के ग्रह युति सरेखण एवं कारकत्व