भावार्थ रत्नाकर Author- JN Bhasin यह ग्रन्थ ज्योतिष पर एक अत्युत्तम अनुसंधानात्मक ग्रन्थ है l श्री रामानुज कृत 'भावार्थ रत्नाकर ' ज्योतिष साहित्य में अपना एक विशिष्ट स्थान रखता है...
षट्पंचाशिका Author- SC Mishra (Suresh Chandra Mishra) विविध प्रश्नों का सटीक विचार l प्रश्नविज्ञान के मुलभूत सिद्धान्त l जीवन के ज्वलन्त प्रश्नों का समाधान l सात अध्यायों में समस्त विषयो...
'बृहत' और “लघु' पराशरी नामक ग्रन्थ देखकर किसी गणक ने 'मध्यपाराशरी' नाम से एक ग्रन्थ लिखा। जिसमें न जाने सम्पादक या लेखक आदि के प्रमाद से बहुत जगह अशुद्ध, अयुक्त...
पंच सिद्धान्त Author- Krishna Kumar १. ग्रहशील (ग्रहो का स्वरूप व् स्वभाव) २. ग्रह कारकत्व विचार (ग्रह अवयव रोग, लौकिक सम्बन्ध, व्यवसाय आदि ) ३. नक्षत्र सिद्धान्त (ग्रहो पर नक्षत्रो...
आधुनिक काल में वास्तु की शाखाएं वैश्विक स्तर पर उदित हुई हैं। अब अधिकांश लोग अपने स्थान को वास्तु विशेषज्ञ को दिखाने में रुचि रखते हैं ताकि वे अपने घर, भवन अथवा...
भारतीय ज्योतिष की परम्परा में जन्म कुण्डली देखकर फलादेश करने के लिए सर्वप्रसिद्ध गन्थों में भूगुसंहिता, मानसागरी, बृहज्जातकम् तथा रावण संहिता और दशानन कृत ज्योतिष के सुनहरी सिद्धान्त सर्वविदित हैं...
ऋषि मन्त्रेश्वर विरचित 'फलदीपिका ' एक अनमोल वैदिक ज्योतिषीय ग्रन्थ है, जिसमें लयबद्ध संस्कृत में लिखित 28 अध्याय हैं। इस ग्रन्थ का ज्योतिषीय शास्त्रों में बहुत उच्च स्थान है । फलदीपिका में...
Author- Shrikrishan Jugnu मूल संस्कृत श्लोको की हिंदी व्याख्या व् समालोचनात्मक विवेचन से सुभूषित यह रचना बड़े मुहर्त ग्रंथो में भीतर पैठने से पूर्व नए विधाथिर्यो को अभ्यास करके विषय...
Author- Hemant Kumar Sharma फलित ज्योतिष में लघुपाराशरी का महत्वपूर्ण स्थान है I इस लघु ग्रन्थ में आचार्य ने फलित के ऐसे अनेक गूढ़ रहस्यों को भर दिया है, जो...