NADI JYOTISH- Accurate Predictive Methodology - Hindi Author- Umang Taneja
इस पुस्तक में लेखक ने जीवन की मुख्य घटनाये जैसे की मुकदमेबाजी, शिक्षा, धन एवं व्यापार, स्वास्थ्य, यात्रा, संतान, मुहर्त एवं उपायो के बारे में विस्तार पूर्वक समझाया गया है I पाठको को ज्ञात हो कि ज्योतिष में यह अपने प्रकार कि एक मात्र उपलब्ध पुस्तक है I जीवन क़ी सब घटनाओ के बारे में इस पुस्तक में लिखे क्रमबद्ध नियमो से सटीक भविष्यवाणी कर सकते है I परंपरागत ज्योतिष में हज़ारो नियमो एवं योगो आदि से उत्पन्न असमंजस इस पुस्तक को पढ़ने के बाद समाप्त हो जायेगा I इसलिए ज्योतिष से जुड़े सभी सवालो के जवाब के लिए अत्यंत आवश्यक
है I
Author- Raj Kumar Lt Col
विभिन्न वर्गों की तुलना में नवांश की अपेक्षाकृत महत्ता सभी लोगो ने स्वीकार की है I ज्योतिष इसे जन्मकुंण्डली के ठीक बाद या समकक्ष या उससे भी बेहतर मानते है I लगभग सभी ज्योतिष कोई भी पूर्वानुमान देने से पहले , विभिन्न भावो और ग्रहों की शक्ति जानने के लिए कुंण्डली और नवांश का अध्ययन साथ-साथ करते है I वैदिक ज्योतिष में नवांश की एक उत्कृष्ट स्थिति है और इसके बहुपक्षीय प्रयोग तथा निपुणता किसी भी विषय के सूक्ष्म परिक्षण और गहन अध्ययन के लिए बरबस ध्यान आकर्षित करती है I जेमिनी और नाड़ी पद्धति के अतिरिक्त ज्ञान और बुद्धिमतापूर्ण सिद्धांतो ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया है I लेखक ने इन दोनों पद्धतियों का समावेश इस पुस्तक में करने का प्रयास किया है I जन्म कुंण्डली का अध्ययन भावो और ग्रहों के केवल स्थूल संकेत और गुण बताते है I जबकि नावश उनके विस्तृत और सूक्षतम् गुणों को बताते है I नवांश का आकार और विस्तार मूल रूप से एक चौथाई भाग के बराबर है I एक भाव / राशि लगभग ३० डिग्री का होता है जबकि नवांश उसका सूक्षतम् रूप (राशि का १/९ भाग या केवल ३" २०' ही) है जो इसे विलक्षण गुण देता है I