Author-- CM Shrivastava
भगवान भैरवदेव को रूद्र रूप माना जाता है i यह तत्काल सिद्धिपत्र है i जहां अन्य देवता दीर्घकाल की साधना के बाद कदाचित ही प्रस्नन होते है, वही भैरवदेव तुरंत फल देते है i ये इतने कृपालु एवं भक्त -वत्सल है की सामान्य -स्मरण एवं स्तुति से ही प्रसन्न होकर भक्त के संकटो का निवारण कर देते है i वेदो में रूद्र की जो भय - हरण कारी स्तुति की गई है और उपनिषदों में भयावह स्वरूपधारी होने से जिसके भय से इंद्रादि देवो के द्वारा अपने - अपने कर्म को करने का जो वर्णन हुआ है, वह भगवान् भैरवदेव की ही महिमा है i इतना ही नहीं, भैरव ही ब्रह्मा और विष्णु भी है i
विश्व में भैरवदेव की साधना सात्विक और तामस दोनों प्रकार से की जाती है i अपने श्रद्धावान साधक पर तो ये इतने प्रसन्न होते है की एक तरह से वह उसके वश में ही हो जाते है i यही सिद्धि की अवस्था है i बड़े -बड़े देवताओ और असुरो ने अलौकिक शक्तियां इनकी सिद्धि करके ही प्राप्त की थी i आप भी इनकी साधना -आराधना करके अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करे i
Mantra Rahsyaलेखक: नारायण दत्त श्रीमालीप्रकाशक: V&S पब्लिशर्स मंत्र रहस्य एक गहन ग्रंथ है जिसमें विभिन्न प्रकार के मंत्रों, उनके उच्चारण और उपयोग के रहस्यों का वर्णन किया गया है। नारायण...
Tantra Mantra Yantra [Hindi] By KL Nishad Publisher: Arun Publishing House तंत्र मंत्र यंत्र [हिंदी] - के.एल. निषाद द्वारा लिखित, यह पुस्तक आपको तंत्र, मंत्र और यंत्रों के रहस्यमय जगत की जानकारी...