रुद्राक्ष पहनिए भाग्य बदलिए By Pramod Sagar रुद्राक्ष के दाने में एक प्रकार की अदभुत चुंबकीय और विधुत शक्ति निहित रहती है - इस बात को केवल आध्यात्मिक जगत या...
CHEIRO’S LANGUAGE OF THE HAND Author- Cheiro Closer study inevilably brings fuller understanding and greater accuracy, and with the deepening of the interest the casually enquiring layman involuntarily develops into...
शनि राहु - केतु प्रकोप से मुक्ति Author- CM Shrivastava यमराज के भ्राता सूर्य पुत्र शनि, सिंहिकागर्भसंभूत दानवेन्द्र राहु और महाबली मृत्युपुत्र केतु- ये तीनो बड़े भयानक एवं मारक ग्रह...
Author-- CM Shrivastava
भगवान भैरवदेव को रूद्र रूप माना जाता है i यह तत्काल सिद्धिपत्र है i जहां अन्य देवता दीर्घकाल की साधना के बाद कदाचित ही प्रस्नन होते है, वही भैरवदेव तुरंत फल देते है i ये इतने कृपालु एवं भक्त -वत्सल है की सामान्य -स्मरण एवं स्तुति से ही प्रसन्न होकर भक्त के संकटो का निवारण कर देते है i वेदो में रूद्र की जो भय - हरण कारी स्तुति की गई है और उपनिषदों में भयावह स्वरूपधारी होने से जिसके भय से इंद्रादि देवो के द्वारा अपने - अपने कर्म को करने का जो वर्णन हुआ है, वह भगवान् भैरवदेव की ही महिमा है i इतना ही नहीं, भैरव ही ब्रह्मा और विष्णु भी है i
विश्व में भैरवदेव की साधना सात्विक और तामस दोनों प्रकार से की जाती है i अपने श्रद्धावान साधक पर तो ये इतने प्रसन्न होते है की एक तरह से वह उसके वश में ही हो जाते है i यही सिद्धि की अवस्था है i बड़े -बड़े देवताओ और असुरो ने अलौकिक शक्तियां इनकी सिद्धि करके ही प्राप्त की थी i आप भी इनकी साधना -आराधना करके अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करे i
Author- Reki Master Mahesh Sharma यह एक ऐसी आधुनिक चिकित्सा पद्धति है, जो बिना किसी औषधि या चीर-फाड़ के असाध्य रोगों का उपचार करती है। यह शरीर क्रो निरोग और...
Author- Bramhrishi Harikrishan Changani ज्योतिष वेद पुरुष का नेत्र है…'ज्योतिषम वेद चक्षु:। ज्योतिष शास्त्र में प्राणियों की जन्मकाल संबंधी ग्रहस्थिति से उनके जीवन में घटित होने वाले शुभाशुभ कार्यों का निदेश क्रिया गया...
Uddish Tantra Sadhna Avam Pryog - Hindi Author- CM Shrivastava तंत्र शास्त्र भी अन्य- विज्ञान - विधाओ की तरह सिद्धान्त और प्रयोग इन दोनों ही पक्षो की व्याख्या करता है...