Budh Dasha Phaldipika ये सभी कृतियाँ स्वयं में परिपूर्ण है और समस्त शास्त्रीय ग्रंथो में उपलब्ध सामग्री के साथ- साथ इन कृतियों में लेखकों ने अनेक व्यावहारिक जन्मांगों के विश्लेषण...
सूर्य दशाफल दीपिका सूर्य दशाफल दीपिका को अग्रांकित १२ अध्यायों में व्याख्यापित किया गया है :- १. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का महत्व २. विशोत्तरी दशाफल निर्णय ३ दशाफल कथन...
Chara Dasha System [English] By Shakti Mohan Singh Publisher: Sagar Publications An Exhaustive Treatise on The User Friendly CHARA DASHA SYSTEM Shakti Mohan Singh - Generally there is no dasha...
Although many savants have discussed this Dasha in their articles/essays or commentary on "Jaimini Upadesh Sutra" (JUS) or other books appertained to Jaimini principles, this is the first time that...
शुक्र पूर्णत: सांसारिक ग्रह है l यह राजसिक, सर्वगुण सम्पन्न तथा समर्थवान है l शुक्र से भाग्य, कामना और इच्छा आदि भावो की अभिव्यक्ति होती है l इसमें काव्यात्मक और...
काल चक्र दशा से फलित Author- Girish Chandra Joshi * वर्तमान समय में जो पुस्तके कालचक्र दशा में सम्बन्धित है, उनमे ऐसे ही उदाहरणों को रखा गया है जिसमे देहादि...
चंद्र दशा फलदीपिका चंद्र दशा को १२ अध्यायों में विभाजित किया गया है जिनके अध्ययन से चन्द्रमा की महादशा व् अन्तर्दशा के विषय में सम्यक संज्ञान प्राप्त करके सटीक भविष्य...
विशोत्तरी दशाफल निर्णय Author- Krishan Ashant सूर्यादि ग्रहो के भावफल, राशिफल, दृष्टिफल, अवस्था फल, राजयोगों, धनयोगों, दरिद्रयोगो तथा अरिष्टादि योगो का समस्त शुभाशुभ फल जातक को सबंधित ग्रहो की दशाओ...
Encyclopedia of Vedic Astrology: Dasa Systems Author- Shanker Adawal The notion that astrologers can unfold lives and reveal what waits at the next bend is a thought that comes to...
Author- KT Shubhakaran नक्षत्रों पर आधारित भविष्यवाणी का उद्गम वैदिक काल में हुआ था, तब इसे " वेदांत ज्योतिष" कहते थे I नक्षत्र शब्द संस्कृत से उतपन्न हुआ है एक विचार के अनुसार इसका अर्थ (नक्ष = प्रवेश ) + ( त्र = रक्षा करने वाला ) है I अत: कुल मिलाकर प्रत्येक नक्षत्र २८ देवताओ में से प्रत्येक का घर अथवा निवास होता है, जो नक्षत्रीय तथा सौर विकास की रक्षा तथा संचालन करते है I नक्षत्रों पर आधारित भविष्यवाणी का मुख्य आधार जन्म - नक्षत्र अथार्त जन्म के समय एक विशेष नक्षत्र में चन्द्रमा की स्थिति है I प्रस्तुत पुस्तक के आगे अध्ययन से पूर्व निम्नलिखित जानकारी/ आंकड़े उपलब्ध होना आवश्यक है-१. जिस वर्षे में जातक का जन्म हुआ है उस वर्ष का ज्योतिष पंचांग I२. जन्म स्थान के अक्षांश तथा रेखांश का निर्धारण करना I३. जातक के जन्म का ठीक समय, दिन, मास तथा वर्ष का निर्धारण यदि जन्म समय किसी देश के निर्धारित समय के अनुसार है तो अक्षांश के आधार पर जन्म का स्थानीय समय भी जानना आवयश्क है I स्थानीय समय निकालने का सूत्र इस प्रकार है : यदि मेरिडियन के पूर्व में स्थित स्थान पर जन्म हुआ है तोअक्षांश की प्रत्येक डिग्री पर उस देश के निर्धारित समय में ४ मिनट जोड़े और यदि जन्मस्थान मेरिडियन के पश्चिम में स्थित है तो अक्षांश की प्रत्येक डिग्री पर निर्धारित समय...