काल चक्र दशा से फलित Author- Girish Chandra Joshi * वर्तमान समय में जो पुस्तके कालचक्र दशा में सम्बन्धित है, उनमे ऐसे ही उदाहरणों को रखा गया है जिसमे देहादि...
चंद्र दशा फलदीपिका चंद्र दशा को १२ अध्यायों में विभाजित किया गया है जिनके अध्ययन से चन्द्रमा की महादशा व् अन्तर्दशा के विषय में सम्यक संज्ञान प्राप्त करके सटीक भविष्य...
विशोत्तरी दशाफल निर्णय Author- Krishan Ashant सूर्यादि ग्रहो के भावफल, राशिफल, दृष्टिफल, अवस्था फल, राजयोगों, धनयोगों, दरिद्रयोगो तथा अरिष्टादि योगो का समस्त शुभाशुभ फल जातक को सबंधित ग्रहो की दशाओ...
Author- KT Shubhakaran नक्षत्रों पर आधारित भविष्यवाणी का उद्गम वैदिक काल में हुआ था, तब इसे " वेदांत ज्योतिष" कहते थे I नक्षत्र शब्द संस्कृत से उतपन्न हुआ है एक विचार के अनुसार इसका अर्थ (नक्ष = प्रवेश ) + ( त्र = रक्षा करने वाला ) है I अत: कुल मिलाकर प्रत्येक नक्षत्र २८ देवताओ में से प्रत्येक का घर अथवा निवास होता है, जो नक्षत्रीय तथा सौर विकास की रक्षा तथा संचालन करते है I नक्षत्रों पर आधारित भविष्यवाणी का मुख्य आधार जन्म - नक्षत्र अथार्त जन्म के समय एक विशेष नक्षत्र में चन्द्रमा की स्थिति है I प्रस्तुत पुस्तक के आगे अध्ययन से पूर्व निम्नलिखित जानकारी/ आंकड़े उपलब्ध होना आवश्यक है-१. जिस वर्षे में जातक का जन्म हुआ है उस वर्ष का ज्योतिष पंचांग I२. जन्म स्थान के अक्षांश तथा रेखांश का निर्धारण करना I३. जातक के जन्म का ठीक समय, दिन, मास तथा वर्ष का निर्धारण यदि जन्म समय किसी देश के निर्धारित समय के अनुसार है तो अक्षांश के आधार पर जन्म का स्थानीय समय भी जानना आवयश्क है I स्थानीय समय निकालने का सूत्र इस प्रकार है : यदि मेरिडियन के पूर्व में स्थित स्थान पर जन्म हुआ है तोअक्षांश की प्रत्येक डिग्री पर उस देश के निर्धारित समय में ४ मिनट जोड़े और यदि जन्मस्थान मेरिडियन के पश्चिम में स्थित है तो अक्षांश की प्रत्येक डिग्री पर निर्धारित समय...
राहु-केतु दशा फलदीपिका नामक इस कृति का वैशिष्ट्य है, जो आधुनिक समय- सत्ता की अनिवार्यता है जिसका अभाव एवं अपूर्ण ज्ञान ज्योतिष प्रेमियों समय -सत्ता की अनिवार्यता है जिसका अभाव ...
दशाफल दर्पण (डॉ. नारायण दत्त श्री माली ) फलादेश ज्योतिष की कसौटी है और फलादेश की कसौटी है दशाफल - ज्ञान l सही दशाफल-ज्ञान के लिए श्रेष्ठ विद्वान द्वारा प्रस्तुत हिंदी की सर्वप्रथम एवं प्रमाणिक पुस्तक, जिसके द्वारा विंशोत्तरी पद्धति के आधार पर निश्चित समय...
Shodashi Aur Bhuwaneshwari Tantrik Sadhanayein (Hindi) by Radhakrishan Shrimali Publisher: Diamond Books Explore the mystical world of Shodashi and Bhuwaneshwari through this powerful book by Radhakrishan Shrimali. This book delves deep into...
शनि दशा दिग्दर्शन Author- Mridula Trivedi, TP Trivedi देश-विदेश के प्रबुद्ध पाठको, जिज्ञासु छात्रों एवं अन्यान्य आगन्तुको के प्रबल तथा अनबरत आग्रह पर 'शनि दशा दिग्दर्शन ' शीर्षकित शोध प्रबन्ध...
Dhoomawati Evam Bagalamookhi Tantrik Sadhanayein ( Hindi ) by Radhakrishan Shrimali Publisher: Diamond Books पं. राघाकृषग श्रीमाली ज्योतिष, तंत्र, मंत्र ओंर वास्तु के स्थापित हस्ताक्षर हैं । अनेक दशकों में आपने देश...
Matangi aur Kamla Tantrik Sadhanayein [Hindi] by Radhakrishan Shrimali Publisher: Diamond Books मातंगी एवं कमला तांत्रिक साधनांए तंत्र एक ऐसा कल्पवृक्ष है, जिससे छोटी-से- छोटी और बड़ी -से - बड़ी कामनाओ...