naam-sumir-man-baavre-sant-mat-3
  • SKU: KAB1011

Naam Sumir Man Baavre - Sant Mat 3 [Hindi]

₹ 298.00 ₹ 350.00
Shipping calculated at checkout.
DESCRIPTION

नाम सुमिर मन बाबरे 

मन उत्सुक हो जाता है संसार में, मन उत्सुक हो जाता है परिधि में,  मन उत्सुक हो जाता है विषय वासना  में,i जरा पलटो, जरा केन्द्र की और चलो, जहाँ पर आनंद है, परमानन्द है i विषय रसो में, थोड़े से सुखो में, क्यों अल्प सुखो में उलझे हो ? क्यों नहीं वहाँ जाते, जहाँ आनंद का खजाना है, जहाँ आनंद का समुद्र लहराता है ? ऐसे तो ये मिटटी की देह है,  कच्ची देह है, गिर जाएगी, लेकिन इसके भीतर एक शाश्वत भी है i  उसकी और कब नज़र जायेगी हमारी ?

अगर जीवन रहते -रहते जीवन के प्रकाश को हमने नहीं जाना, तो मृत्यु एक अँधेरी कोठरी हो जाती है, मृत्यु एक अँधेरी रात हो जाती है i परंन्तु जीवन रहते -रहते आलोक को देख ले, भीतर के राम को जान ले, तो हमारा पथ प्रकाशित हो जाता है, मृत्यु आनंद बन जाती है i

मृत्यु एक आनंद की बात है, परमानंद की बात है i लेकिन उसके पहले मृत्यु के रहस्य को जान लेना होगा, उस नाम को जान लेना होगा, जो सहचर होता है मृत्यु के बाद भी i

प्रस्तुत पुस्तक संत मत का तीसरा भाग 'नाम सुमिर मन बाबरे' सद्गुरु ओशो सिद्धार्थ जी द्वारा दिए गए प्रवचनों का संकलन है i विद्धता, अभिव्यक्ति और अनुभूति तीनो का बड़ा अनूठा संगम है i

साधको के लिये इन प्रवचनों को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जा रहा है i सद्गुरु ने स्वयं इनका संपादन एवं संशोधन किया है i

RECENTLY VIEWED PRODUCTS

BACK TO TOP