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Ilme Samudrik ki Lal Kitab [Hindi]
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इल्मी सामुद्रिक लाल किताब
प्रस्तुत पुस्तक लाल किताब के सन १९४२ के संस्करण " इल्मे सामुद्रिक की लाल किताब " का हिन्दी अनुवाद है l इस संस्करण में पंडित जी ने सामुद्रिक शास्त्र व् ज्योतिष शास्त्र दोनों को सम्मिलित किया l सम्पूर्ण भारत में इस विषय पर शायद यह पहली पुस्तक है जिसमे हाथ की रेखाओं को जाँच करके जन्मकुंडली का निर्माण करना, कौन से रंग के पेन में कौन सी स्याही को प्रयोग करना, कुण्डली में स्थित ग्रह स्थिति के अनुसार से घर की वास्तु स्थिति को सही करना, एक सारणी की मदद से कुछ ही क्षणों में वर्षफल बनाने की विधि, इसके साथ - साथ 'लाल किताब' में कई नये नियमों का निरूपण करके फलित को अत्यंत संक्षिप्त व् सरल करना एवं कई अन्य विषयों का समावेश करके गागर में सागर भर दिया गया है l इसके साथ साथ ही पंडित जी ने ज्योतिष के द्वारा समाज को नया रास्ता भी दिखाया l उनके अनुसार चंद्र को शुभ करने के लिए अपनी माता व् अन्य बड़ी बूढ़ी औरतो की सेवा करना व् उनसे आशीर्वाद लेना, बृहस्पति को शुभ फलों को अनुभव करने के लिए पता या बाबे का आशीर्वाद लेना आदि सबसे उत्तम रहेगा l इसी प्रकार कई अन्य सरल और साधारण उपायों द्वारा उलझनों से निकलने के साथ - साथ इन उपायों के द्वारा सामाजिक मर्यादा को कायम किया जिसकी आज के भौतिकताबाद के युग में अति आवश्यकता थी l
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