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Hast Rekhaon Ke Adbhut Sidhant
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Hast Rekhaon ke Adbhut Sidhant [Hindi]

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हस्त रेखा शास्त्र पर लिखी गई यह एक उच्च कोटि की पुस्तक है। अनंत काल से हस्त रेखा शास्त्र, भविष्य 'फलित के लिए बहुत लोकप्रिय , अद्वितीय एवं सटीक विषय रहा है। जिन जातकों के पास जन्म कुंडली नहीं होती है, उनके लिए भविष्य कथन करना इस महान विद्या द्वारा अति सुगम रहता है।

इस विषय के सभी पहलुओं को इस पुस्तक में सरल भाषा में 38 अध्यायों एवं 422 चित्रों द्वारा वर्णित किया गया है। यह पुस्तक दो भागों में है। प्रथम भाग में हाथ की बनावट व आकार के बारे में विस्तार से समझाया गया है, तथा द्वितीय भाग में हाथ की रेखाओं के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है। अंत में हस्त परीक्षण के नियम भी दिये गए हैं। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुस्तक में अति सरल भाषा का प्रयोग किया गया है।

इस पुस्तक में हाथ की सभी रेखाओं के बारे में तथा उनसे बनने वाले संयोगों का विस्तार से वर्णन किया गया है। इनमें पर्वतों , उंगुलियों, बचपन, शिक्षा, नौकरी , व्यवसाय, जीवन में मिलने वाली सफलता, प्रेम, विवाह, संतान, आयु निर्णय के बारे में बतलाया गया है। आशा है, यह पुस्तक हस्त रेखा शास्त्र के विद्यार्थियों एवं विद्वजनों को पसंद आएगी।

लेखक परिचय

के सी वत्स एम.ए. , एम.बी.ए. , ज्योतिष विशारद , हस्त रेखा विशेषज्ञ, वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ एवं एक विख्यात अंक ज्योतिषाचार्य हैं। ये महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड से सहायक महाप्रबंधक के पद से सेवा निवृत हुए हैं। ये एक लंबे समय से गूढ़ ज्ञान के इन विषयों से जिज्ञासू विद्यार्थी एवं शोधकर्ता के रूप में जुड़े रहे हैं। लेखक “द डेस्टिनी - इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोलोजिकल साइंस (रजिस्टर्ड) ” दिल्‍ली, के संस्थापक एवं संकाय सदस्य हैं। यह संस्था ज्योतिष शास्त्र, प्रश्न ज्योतिष शास्त्र, हस्त रेखा शास्त्र, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष, टेरो कार्ड्स रीडिंग एवं लाल किताब में शिक्षण एवं शोध कार्य की कक्षाएं चला रही है। 

पुस्तक की सह लेखिका श्रीमति मुद्रा देवी वत्स बी.ए., ज्योतिष विशारद, हस्त रेखा विशेषज्ञ एवं वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ हैं। ये “द डेस्टिनी - इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोलोजिकल साइंस (रजिस्टर्ड)” की चेयरपर्सन होने के साथ-साथ अपनी संस्था में गृढ़ ज्ञान की कक्षाएं भी लेती हैं। इस पुस्तक के लेखन कार्य में श्री के सी वत्स की प्रमुख सहयोगी भी रही हैं।

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