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Aakashcharini - Hindi
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Aakashcharini - Hindi

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प्रस्तुत पुस्तक आकाशचारिणी जो मेरे जीवन का अनुभवपूर्ण व सत्य घटनाओं पर आधारित कथा संग्रह है। प्रस्तुत कथा संग्रह में आप जो कुछ भी पढ़ेंगे, निश्चय ही कुछ प्रसंगों और घटनाओं पर आपको सहसा विश्वास नहीं होगा, यह स्वाभाविक भी है। मनुष्य उन्हीं वस्तुओं पर विश्वास करता है जिस पर वह विश्वास करना चाहता है। इसमें अस्वाभाविकता नहीं है। उसे आप अलौकिक कह सकते हैं। इस संसार में घटनाएँ घटती हैं और निरन्तर घटती रहेंगी |

मेर जीवन में बराबर लौकिक-पारलौकिक घटनाएँ घटी, वैसे पारलौकिक जगत का अस्तित्व है इसमें सन्देह नहीं।

हमारे भीतर असीम नैसर्गिक और परानैसर्गिक शक्तियों का विपुल भण्डार है। सबसे पहले हमें उन शक्तियों को पहचानना चाहिए |

जब तक हम उन्हें नहीं पहचानते, नहीं समझते तब तक हमारी इन्द्रियां उन सीमाओं में बंधी रहेगी और हमें आश्चर्यजनक पारलौकिक शक्तियों को समझने व प्रयोग में रोकती रहेंगी। हमारे धर्म ग्रन्थों में विस्तार से बहुत कुछ लिखा हुआ है, कभी-कभी विभिन्‍न रूपों में विभिन्‍न प्रकार के दृष्टान्त सामने आते भी हैं। लेकिन वैज्ञानिक रूप से उसकी पुष्टि पूर्णतया नहीं हो पाती है। जिसका एकमात्र कारण यह है कि विज्ञान की अपनी एक सीमा है लेकिन यह कहना अतिशयोक्ति न होगी कि पश्चिम देशों में परामनोविज्ञान का आश्रय लेकर उपर्युक्त रहस्यमय गूढ़ विषयों पर शोध और अन्वेषण कार्य

व्यापक रूप से किया जा रहा है। जिसका परिणाम भी देखने को मिल रहा है|

परामनोविज्ञान तथ्यों के गूढ़ और गोपनीय रहस्य अपने आप में अत्यन्त जटिल है। अनुमानों और अन्धविश्वासों क॑ अन्धकार की परते चढ़ी हुई है जिन्हें हटाकर पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर उस पर शोध आदि किया जा सकता है।

इन्हीं सब को देखते हुए मैंने 4948 में स्वतंत्र रूप से तंत्र-मंत्र तथा परामानसिक जगत से सम्बन्धित विषयों पर शोध और अन्वेषण कार्य शुरू किया। जहाँ तक भारी सफलता मिली वहीं कष्टकारक . यात्रा व भारी विपत्तियों का सामना भी करना पड़ा। आकाशचारिणी और उसके परिधि में आने वाली अन्य कथाएँ मेरे शोध और अन्वेषणका परिणाम हैं। आशा है पाठकों को आनन्ददायक व रोमांच के साथ-साथ ज्ञानवर्धक सिद्ध होगा इसमें सन्देह नहीं |

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