Author- Pramod Sagar प्रस्तुत पुस्तक - भूत - प्रेत , ऊपरी हवा निवारक टोटके का मूल उद्देश्य पाठकों को प्राचीन भारतीय तांत्रिकों , अघोरियों , योगियों , ऋषिमुनियों और तंत्र साधकों द्वारा अपनाई गई तंत्र विद्या और...
वनस्पति तंत्र और शाबर मन्त्र वनस्पतियों में अमृत होता है l ये जहां तन- मन को रोगमुक्त करती है, वहीं विशेष प्रयोग द्वारा मनोकामनाओं को भी पूर्ण करती है l...
Author- Radhakrishan Shrimali
बिना दृष्टि के जीवन उस अँधेरी रात की तरह है , जिसमे अपने शारीर के अंगो का भी एहसास नहीं होता I यही स्थिति ज्योतिष ज्ञान के बिना मानव जीवन की है I ज्योतिष एक प्राचीन शास्त्र है जिसकी अवहेलना नहीं की जा सकती I लेकिन इस प्राचीन ज्ञान अर्थार्त ज्योतिष को नकारने की परंपरा इन दिनों समाज में विकसित हुई है I परन्तु मजे की बात यह है की ऐसा वर्ग भी किन्ही विशेष स्थितियों- परिस्थितियों में देवज्ञ की शरण लेता है और वहां उसे अपनी समस्याओं का समाधान भी मिलता है I यही स्थिति एक सामान्य व्यक्ति की भी है I वह भी कुछ विशेष अवसरों पर ज्योतिष शास्त्र का आश्रय लेता है I
यहाँ यह वाट विचारणीय है की यदि किन्ही विशेष स्थितियों - परिस्थितयो या विशेष आयोजनों पर ज्योतिष के मार्ग दर्शन से हम शुभ और लाभ प्राप्त कर सकते है, तो नित्यप्रति की छोटी - बड़ी समस्याओं का निराकरण क्या इस विशिष्ट शास्त्र द्वारा नहीं कर सकते ? ज्योतिष शास्त्र समस्याओं का समाधान तो सुझाता ही है , वह जीवन की प्रतिकूलताओं को अनुकूलताओं में भी परिवर्तित कर देते है I यहाँ यह भी जाना जरूरी है की उपायों के रूप में ज्योतिष शास्त्र तंत्र, मंत्र और यन्त्र साधनाओ का भी उपयोग करते है I
इस पुस्तक में जन्म कुंण्डली का विवेचना करने के बाद उसके समाधान भी सुझाए गए है I यदि श्रद्धा और आस्थापूर्वक इन उपायों को यथा विधि किया जाए तो मनचाही कामना अवश्य ही पूर्ण होगी - ऐसा शास्त्र वचन है I
NADI JYOTISH SHASTRA Author- Kewal Anand Joshi ज्योतिष शास्त्र की ही एक प्राचीन विधा है - - नाड़ी ज्योतिष I यह दक्षिण भारत में विशेष रूप से प्रचलित है I दक्षिण भारत में अनेक नाड़ी ग्रन्थ लिखे गए, जो मानव जीवन की रहस्यमय घटनाओ का उदघाटन करते है I ये नाड़ी ग्रन्थ ग्रह - स्थिति पर आधारित होने के बावजूद फलादेश प्रधान है I जन्मकुण्डली का विश्लेषण सूक्ष्मता से करने में नाड़ी ग्रन्थ महत्वपूर्ण भूमिका...
PRACHIN DAMAR TANTRA RAHASYA (HINDI) Author- CM Shrivastava 'डामर तंत्र' के रचनाकार भूतभावन भगवान् शिव है I जन सामान्य के लाभार्थ भगवती पार्वती के आग्रह पर भगवान शिव ने डामर...
ज्योतिष द्वारा रोग निवारण Author- Radhakrishan Shrimali
जन्मकुंण्डली में किस ग्रह से किस रोग का विचार करे, किस रोग की स्थिति में किस मंत्र - स्रोत्र का पाठ करे आदि का शास्त्र - सममत प्रतिपादन I पराविज्ञान के ज्ञाता देवज्ञ लेखक ने अपने अनुभव सिद्ध प्रयोगों का पुट देकर पुस्तक को अति उपयोगी बना दिया है I
ज्योतिष की दृष्टि से असाध्य रोगों का कारण सहित विवेचन I
शावर तन्त्र सिद्धि Author- Radhakrishan Shrimali शावर मंत्र - बोलचाल की ग्राम्य व् अनगढ़ भाषा में भगवान् शिव द्वारा कहे गए अदभुत प्रभावशाली ऐसे मंन्त्र, जिन्हे आम लोगो से जुड़े...
DAAN DWARA KASHT NIVARAN Author- CM Shrivastava कब, किसको, क्या, और कैसे दें - इसका भी अपना विज्ञानं एवं प्रक्रिया है I इस पुस्तक में इन सभी बातों की शास्त्र...
यंत्र सिद्धि Author- Bhojraj Dwivedi प्रस्तुत पुस्तक यंत्र विज्ञान को लेकर लिखी गई पहली प्रामाणिक पुस्तक है, जिसमे यंत्र विज्ञान की सार्थकता एवं सत्यता को लेकर व्यापक प्रकाश डाला गया...
श्री दत्तात्रेय तंत्र प्रयोग Author- CM Shrivastava विभिन्न तंत्र प्रयोगो के साथ श्री दत्तात्रेय उपासना की सरल जानकारी ब्रह्मा, विष्णु और महेश इन त्रिदेवो की साक्षात्मूर्ति है श्रीदत्तात्रेय l महर्षि...