लाल किताब (व्याकरण और व्याख्या ) By Umesh Sharma
प्रस्तुत पुस्तक में लाल किताब पद्धति से कुण्डली की व्याख्या करने के लिए उसके सिद्धान्तों को जो उसके व्याकरण विभाग में दिये हुए है जानना अति आवश्यक है, क्योकि लाल-किताब पद्धति की अपनी एक अलग व्याकरण है जो परम्परागत ज्योतिष से कुछ हट कर है I अत: प्रस्तुत पुस्तक में लाल -किताब के व्याकरण खण्ड को लेकर उसको सर भाषा में प्रस्तुत करने की एक छोटा सा प्रयत्न है ताकि जनसाधारण भी इसको अच्छी तरह जान कर इसको अपने उपयोग में लाकर अपने जीवन में अपने को समर्थ बना सके I
व्याकरण परिचय
ग्रहो के पक्के घर
एक ग्रह का दूसरे ग्रह से सम्बन्ध
ग्रह राशि का आपसी सम्बन्ध
सोया भाव और सोया ग्रह
आयु के कौन से वर्ष में किस राशि न. व् भाव न. के ग्रह प्रभावी होंगे इत्यादि I
इल्मे सामुद्रिक की लाल किताब Author- Mohammad Hanif Khan लाल किताब पाँच भागो में क्रमश: 1939,1940, 1941, 1942, और 1952 में प्रकाशित हुई थी l 1952 में प्रकाशित पुस्तक इल्मे...
Lal Kitab- Application of Principles and Curative Measures ( English ) Author- RS Chillar In short, Lal Kitab is a body of knowledge that helps to construct birth chart and...
Tilism E Lal Kitab [Hindi] by Varun Mehta Sagar Publications पुस्तक के विषय मेंलाल किताब भारतीय ज्योतिष का एक बहुत ही महत्वपूर्ण ज्योतिष ग्रंथ है लाल किताब में बताए गए...
लाल किताब एक ऐसी दुर्लभ प्राचीन पुस्तक है जिसमे राशि , भाव, ग्रह और नक्षत्रों के बारे में सूत्रों के माध्यम से दुर्लभ भविष्यनिधि को समाहित किया
गया है। प्रस्तुत पुस्तक “असली प्राचीन लाल किताब के अनुभूत टोटके एवं उपाय” पं. रूपचंद शर्मा कृत प्राचीन और अप्राप्य ग्रंथ “लाल किताब' के सूत्रों
पर आधारित है। ज्योतिष जगत की इस अनुपम कृति को गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. राधेश्याम मिश्र 'परमहंस” ने गहन अध्ययन और विश्लेषण के बाद सरल
भाषा में प्रस्तुत किया है।