विज्ञानं भैरव -रुद्रयामल तन्त्र का गूढ़ रहस्य विज्ञानं - सांसारिकता -भौतिकता l भैरव - अत्यंत उग्रता से विनाश करने वाला शिवतत्व l तंत्र- संसार के अज्ञानी जीवो का लौकिक एवं...
Author-- CM Shrivastava
भगवान भैरवदेव को रूद्र रूप माना जाता है i यह तत्काल सिद्धिपत्र है i जहां अन्य देवता दीर्घकाल की साधना के बाद कदाचित ही प्रस्नन होते है, वही भैरवदेव तुरंत फल देते है i ये इतने कृपालु एवं भक्त -वत्सल है की सामान्य -स्मरण एवं स्तुति से ही प्रसन्न होकर भक्त के संकटो का निवारण कर देते है i वेदो में रूद्र की जो भय - हरण कारी स्तुति की गई है और उपनिषदों में भयावह स्वरूपधारी होने से जिसके भय से इंद्रादि देवो के द्वारा अपने - अपने कर्म को करने का जो वर्णन हुआ है, वह भगवान् भैरवदेव की ही महिमा है i इतना ही नहीं, भैरव ही ब्रह्मा और विष्णु भी है i
विश्व में भैरवदेव की साधना सात्विक और तामस दोनों प्रकार से की जाती है i अपने श्रद्धावान साधक पर तो ये इतने प्रसन्न होते है की एक तरह से वह उसके वश में ही हो जाते है i यही सिद्धि की अवस्था है i बड़े -बड़े देवताओ और असुरो ने अलौकिक शक्तियां इनकी सिद्धि करके ही प्राप्त की थी i आप भी इनकी साधना -आराधना करके अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करे i
महाम्रत्युन्जय Author- Rudradev Tripathi
भला मृत्यु असमय में आ जाय , ऐसा कौन चाहेगा ? लेकिन आने वाली अकाल मृत्यु रोग, व् घोर कष्टो का निवारण कौन कर सकता है ?
भगवान भुत भावन रूप में संसार का संहार करते है तो शंकर रूप से मनुष्यो को कष्टो से छुटकारा भी दिलाते है i अकाल मृत्यु कि तो क्या मजाल, साक्षात् मृत्यु भी जिनके सामने थर्राती है , वे है अमृत रूप भगवान महाम्रत्युन्जय अर्थार्त मृत्यु को जितने वालो में सर्वश्रेष्ट i इन्ही भगवान् महाम्रत्युन्जय की साधना व् सिद्धि का यह परिपूर्ण ; किन्तु सरल प्रयास निश्चय ही आपको पूर्ण शान्ति देगा i महाम्रत्युन्जय का अमृत सूक्त, कवच व् सहस्त्रनाम स्रोत इस ग्रन्थ की विशिष्ट उपलब्धियाँ है i
एक अक्षर वाले महामृत्युंजय मंत्र से लेकर एक हज़ार अक्षर वाले अमोघ मृत्यु विदारक मन्त्रों का सम्पूर्ण व् उनकी साधना का प्रकार आपको अन्य कही एक स्थान पर देखने को भी नहीं मिलेगा i सब कुछ इतनी सरल शैली में क़ि आप स्वयं आसानी से कर सकेंगे तथा प्रामणिकता ऐसी क़ि मानो किसी विद्वान पंडित से ही कराया गया ही i
मानसिक शांति, अकाल मृत्यु से बचाव, अचानक होने वाले कष्टो से छुटकारा, रोग शोक का समूल नाश, निर्बोध जीवन एवं इच्छा सिद्धि के लिए अवश्य पढ़े और प्रयोग में लाये i
Antarik Rahasyon ke Dvar - Vigyan Bhairav Tantra (Volume 2) [Hindi] by Osho Siddhartha Publisher: Oshodhara आंतरिक रहस्यो के द्धार (विज्ञानं भैरव तंत्र भाग -२) दुनिया में सहस्त्रो धर्म ग्रन्थ है, लेकिन...
शिव संहिता हठयोग का प्राचीनतम ग्रन्थ है । इसके आदि प्रवक्ता स्वयं भगवान शिव हैं | यह हठयोग के तीन प्रमुख ग्रन्थों में सर्वोपरि है, अन्य दो ग्रन्थों 'हठयोग प्रदीपिका...
श्री स्वरोदय Author- Ashok Sahajanand श्री कल्पादि जैनागमों में अष्टांग निमित्त में 'स्वर' को एक प्रधान अंग माना गया है l हठयोग प्राणायाम से सिद्ध होता है और प्राणायाम स्वरोदय...
Shiv Ne Parvati se Kaha - Dhyan Vidhiyan 1 -38 [Hindi] by Osho Priya Publisher: Oshodhara शिव ने पार्वती से कहा (ध्यान विधिया 1-३८ ) दुनिया में सहस्त्रो धर्म ग्रन्थ है, लेकिन...