skanil-tool-kit-based-on-sbc-sarvatobhadra-chakra
  • SKU: KAB1276

Skanil Tool Kit Based on Sbc Sarvatobhadra Chakra [English]

Rs. 77.00 Rs. 90.00
Shipping calculated at checkout.

एस के अनिल टूल किट :

एस के अनिल टूल किट जन्म नक्षत्र से विभिन्न नक्षत्रों पर ग्रहों के अशुभ गोचर को दर्शाने वाला एक मात्र ऐसा कागज़ी यंत्र है जिसके माध्यम से आप सीधे सीधे किसी भी जातक के जन्म नक्षत्र से निश्चित एवं निर्धारित नक्षत्रों पर विभिन्न ग्रहों के गोचर वश अशुभ फलों को साध पाते हैं।  इस टूल किट से आप निम्न प्रकार से विभिन्न नक्षत्रों को निर्धारित कर पाऐंगे :

- लत्ता नक्षत्र   

- उपग्रह

- एस.एम.टी

- 16वॉ एवं 18वॉ नक्षत्र एवं

- 88वॉ नक्षत्र चरण  

उपयोग विधि :

लत्ता नक्षत्र : 

इस टूल किट को कागज़ के दो गोल नुमा चक्रों से निर्मित किया गया है। लत्ता नक्षत्र निर्धारित करने हेतु आप छोटे चक्र पर अंकित तीर(बर्थ मून स्टार) के निशान को घुमाते हुये बडे चक्र के नीचे जातक के जन्म नक्षत्र  पर निर्धारित(फिक्स) करें। अब आप छोटे चक्र के कटे हुये भाग मे ग्रह के नाम पढे एवं उस कटे हुये भाग के ठीक उपर बडे चक्र पर जो भी नक्षत्र लिखा हो उस नक्षत्र पर उस ग्रह का गोचर अशुभ परिणाम देगा ऐसा जाने। इस प्रकार एक ही बार मे आप किसी भी जन्म नक्षत्र मे जन्मे जातक के विभिन्न नक्षत्रों पर सुर्यादि सभी ग्रहों के लत्ता नक्षत्र निर्धारित कर पायेंगे।

उपग्रह :

जन्मकालीन सुर्य नक्षत्र से क्रमश: 5वें, 8वें, 14वे, 18वें, 21,22,23 एवं 24वें नक्षत्रों पर विभिन्न उपग्रहों की स्थिति मानी गयी है। इसे निर्धारित (फिक्स) करने के लिये छोटे चक्र पर अंकित सुर्य उपह्रह [सन(उपग्रह)] जो कि "बर्थ मून स्टार " के ठीक दाहिने अंकित की गयी है, घुमाते हुये बडे चक्र के नीचे जन्म कालीन सुर्य नक्षत्र पर ले जायें आप देखेंगे कि बडे चक्र पर अंकित विभिन्न नक्षत्रों के नीचे छोटे चक्र पर  क्रमश: 5वें, 8वें, 14वे, 18वें, 21,22,23 एवं 24वें उपग्रहों की स्थितियॉ स्वत: निर्धारित हो गयी हैं।

एस.एम.टी (स्पेशल मेलिफिक ट्रांज़िट) :

एस.एम.टी क्याहै ? साधारण शब्दों मे कहेंगे की प्रत्येक जन्म कालीन ग्रह के नक्षत्र से निर्धारित दो दो ग्रह उस ग्रह को पिडित करते हैं। इसे निर्धारित करके के लिये छोटे चक्र पर सुर्य उपग्रह से दाहिने क्रमश: चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु एस.एम.टी अंकित की गई है। उदाहरण के लिये सुर्य को लेते हैं। मान ले जन्म कुण्डली मे सुर्य अश्विनी नक्षत्र पर है[ सुर्य नक्षत्र से 9वें नक्षत्र पर राहू /केतु एवं 15वें नक्षत्र पर केतू सुर्य को पिडित करते हैं]।  इसे फिक्स करने के लिये छोटे चक्र पर अंकित सुर्य एस.एम.टी को घुमाते हुये बडे चक्र पर जन्म कालीन सुर्य नक्षत्र(अश्विनी) के ठीक निचे लायें। अब आप देखे छोटे चक्र पर अंकित रा/के(सुर्य) एवं के.(सुर्य) बडे चक्र पर अंकित आश्लेषा एवं  स्वाति नक्षत्र के नीचे स्वत: आयेंगे।  इसी प्रकार से आप सभी ग्रहों के एस.एम.टी स्वयं निर्धारित करें।

88वॉ पद :

जन्म कालीन जन्म नक्षत्र चरण पद से 88वॉ पद अत्यंत अशुभ फल देता है। इस पद पर ग्रहों का गोचर अथवा वेध अशुभ फल देता है। इसे फिक्स करना आसान है। छोटे चक्र पर अंकित नक्षत्र पद (बर्थ मून स्टार) के उपर दिये गये तीर के निशान को जन्म नक्षत्र पद के ठीक नीचे लाये आप देखेंगे कि जहॉ  चंद्र एवं गुरु के लत्ता नक्षत्र के नीचे छोटे से कटे भाग मे चरण अंकित दिखाई दे रहा है। आपकी सुवुधा के लिये - यदि जातक का जन्म प्रथम चरण मे हुआ है तो 88वॉ पद चंद्र लत्ता नक्षत्र के चतुर्थ चरण मे , यदि जन्म द्वितीय चरण मे हुआ है तो गुरु लत्ता नक्षत्र के प्रथम चरण मे, तृतीय चरण मे जन्मे जातक का 88वॉ पद गुरु लत्ता के द्वितीय एवं चतुर्थ चरण मे जातक का 88वॉ पद गुरु नक्षत्र के तृतीय चरण मे स्थित होता है। 

RELATED BOOKS

RECENTLY VIEWED BOOKS

BACK TO TOP