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Bignote Publication

Rahu Ketu: Adrishya Aur Rahasyamaya Grah [Hindi]

Rahu Ketu: Adrishya Aur Rahasyamaya Grah [Hindi]

Item Code: KAB8119

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Rahu Ketu: Adrishya Aur Rahasyamaya Grah [Hindi] By Ajay Kumar Srivastava

Publisher- Bignote Publication

किताब के बारे में

ज्योतिष में, राहु और केतु दोनों को अदृश्य और रहस्यमयी ग्रह माना जाता है, और वे जीवन में अप्रत्याशित घटनाओं को जन्म देते हैं। क्योंकि ये अशांत ऊर्जाएं हैं, इसलिए इनसे जुड़े नतीजों का सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता। राहु दुनिया की दौड़ को दर्शाता है, केतु अलग करने वाला और मोक्ष का कारक है और दोनों आपस में जुड़े हुए हैं। एक दिशा (राहु) व्यक्ति को भौतिक दुनिया में खींचती है, दूसरी दिशा (केतु) उससे अलग करती है, और दिशा चुनने का फैसला व्यक्ति के हाथ में होता है।

दुनिया से अलग होने का प्रक्रिया तभी शुरू होती है जब इंसान अपनी इच्छाओं की व्यर्थता को समझ जाता है। जब इंसान यह समझ जाता है कि इस दुनिया में सब कुछ नश्वर है, तो उसकी खोज की दिशा बदल जाती है। वही सीढ़ी जो अब तक उसे नीचे ले जा रही थी, अब उसे ऊपर ले जाने लगती है। इसलिए, मोक्ष पाने के लिए इंसान को दुनिया नहीं छोड़नी चाहिए बल्कि दुनिया में रहते हुए दिशा बदल लेनी है।

यह किताब इन रहस्यमयी ग्रहों की खासियतों को गहराई से समझाती है। यहाँ अलग-अलग राशियों में इनकी मौजूदगी के बारे में विस्तार से चर्चा की गई है। राहु-केतु का दूसरे ग्रहों के साथ संयोजन अलग-अलग तरह की ऊर्जा को पैदा करता है, और समय-समय पर जातक की जिंदगी पर उसका असर पड़ता है। इस विषय पर किताब में विस्तार से चर्चा की गई है, साथ ही दशा, गोचर और उपायों के बारे में भी बताया गया है।

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