Parashar Uvaach [Hindi] by
SC Mishra (Suresh Chandra Mishra)
Publisher: Pranav Publications
शताध्यायी बृहत्पाराशरी के विशाल और व्यापक कलेवर से चुन चुन कर ऐसे खास और दैनिक व्यवहारोपयोगी पाराशरी नियमो का खुलासा करने वाला अनोखा ग्रन्थ अपने योग्य पाठको के खास आग्रह पर बहुत आसान हिन्दी भाषा में प्रस्तुत किया जा रहा है I पाराशरी नियम मूल ग्रन्थ में इधर- उधर बिखरे है, जिन्हे रोजाना व्यवहार में लाने के लिए आम पाठक तो क्या विद्वान् ज्योतिषयों को भी मूलग्रन्थ में काफी इधर - उधर भटकना पड़ता है I यह रचना इस अभाव की पूर्ति करती है I हजारो मूल पाराशरी श्लोको का सार क्रमबद्ध, तुरन्त इस्तेमाल करने में आसान तरीके से पेश करते हुए यहां समुद्र को एक कलश में पेश करने का अर्किचन प्रयास किया गया है ;
* महर्षि पराशर के सिद्धान्तों की आत्मा का साक्षात्कार;
* लगभग ४५०० श्लोको का सम्पूर्ण सारग्राही वास्तविक उदाहरण सहित विवेचन ;
* ग्रह राशि व् नक्षत्र का विवेचन;
* विशेष लग्नो का विचार;
* सोलह वर्गों का स्पष्ट विचार;
* बारह भावो का फल कहने के नियम;
राजयोगादि विविध योग व् योगकारक ग्रहो का विवेचन ;
आयुदाय व् मारक भेद;
व्यवसाय निर्णय, ग्रहो की अवस्थाएं ;
बयालीस दशाभेद, दशाफल के आधारभूत नियम;
अष्टकवर्ग, रश्मि व् सुदर्शन चक्र ;
ग्रहदोष, शाप व् उनकी शांति ;
स्त्री नक्षत्र जातक; नाड़ी मुहर्त विचार ;
विविध विषय विवेचन I