अष्टांग हृदयम [हिंदी] प्रो. रवीदत्त त्रिपाठी द्वारा अनुवादित और व्याख्यायित एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक ग्रंथ है। अष्टांग हृदयम मूल रूप से संस्कृत में है और इसे आचार्य वाग्भट्ट ने लिखा था। यह आयुर्वेद के प्रमुख ग्रंथों में से एक है, जिसमें निदान, उपचार और सामान्य स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है।
प्रो. रवीदत्त त्रिपाठी ने इस ग्रंथ का हिंदी में अनुवाद किया है, जिससे हिंदी भाषी छात्र और आयुर्वेद के अभ्यासक इसे आसानी से समझ सकें।
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