ब्रह्मसूत्र -वेदान्त दर्शन भगवान् श्री वेदव्यास ने इस ग्रन्थ में परब्रह्म के स्वरूप का सांगोपांग निरूपण किया है, इसलिए इसका नाम ब्रह्मसूत्र है तथा वेद के सर्वोपरि सिद्धान्तों का निदर्शन कराने...
डा वातानूकूलित आश्रमों में बैठकर कुण्डलिनी द्वारा शक्तिपात करने वाले महात्माओं से, साधकों को विशेषत: सावधान रहना चाहिए क्योंकि उनके द्वारा दिए गए दोष पूर्ण ज्ञान से साधकका जो अहित होता है...
मानव की निरन्तर खोज Author- Paramhansa Yogananda परमहंस योगानन्दजी के संकलित प्रवचन एवं आलेख उन प्रेरणादायक एवं सार्वभौमिक सत्यो की विशाल श्रृखला के गहन विवेचनों को प्रस्तुत करते है, जिन्होंने उनकी...
Ravan Sanhita Author- Kishan Lal Sharma लंकापति रावण के दशानन होने को उसके बहुमुखी ज्ञान का प्रतीक भी माना जाता है I वह दसो दिशाओं का ज्ञाता था I उसे...
श्री स्वरोदय Author- Ashok Sahajanand श्री कल्पादि जैनागमों में अष्टांग निमित्त में 'स्वर' को एक प्रधान अंग माना गया है l हठयोग प्राणायाम से सिद्ध होता है और प्राणायाम स्वरोदय...
Ramkrishna Paramhansa Ke 101 Prerak Prasang Author- Rashmi स्वामी रामकृष्ण परमहंस एक महान् संत, समाज-सुधारक और हिंदू धर्म के प्रणेता थे। उनका मानना था कि यदि मनुष्य के हृदय में...
Shiv Ne Parvati se Kaha - Dhyan Vidhiyan 1 -38 [Hindi] by Osho Priya Publisher: Oshodhara शिव ने पार्वती से कहा (ध्यान विधिया 1-३८ ) दुनिया में सहस्त्रो धर्म ग्रन्थ है, लेकिन...
Heal Your Mind - Hindi ध्यान (मेडिटेशन) और योग मानसिक शांति प्राप्त करने के सबसे प्रभावी साधन हैं। ये आपके मन को शांत करते हैं और नकारात्मक विचारों से मुक्ति...
कुण्डलिनी साधना प्रसंग में बहुत सारे प्रसंगों का वर्णन एवं अलौकिक चमत्कारपूर्ण घटनाओं का भी उल्लेख है। जिसे पारलौकिक जगत भी कह सकते हैं। विश्व जगत में तीन मुख्य जगत...
कुण्डलिनी-शक्ति उस आदिशक्ति का व्यष्टि रूप है, जो समष्टि रूप में सम्पूर्ण विश्व-ब्रह्माण्ड में चैतन्य और क्रियाशील है । जहाँ तक कुण्डलिनी-शक्ति की प्रसुप्तावस्था की बात है, तो उसके सम्बन्ध...