मनचाही सन्तान बेटा और बेटी (सन्तान प्राप्ति की शास्त्रीय एवं विज्ञानं सम्मत जानकारी ) Author- Anil Modi बच्चों की किलकारियां ही घर की शोभा होती है l सन्तान से जंहा...
कष्ट निवारक अचूक उपाय ही उपाय तन -मन से सम्बंधित विभिन्न रोगो से मुक्ति एवं सभी ग्रहो की शांति के सरल -सुगम उपाय सुख की चाह से प्रत्येक व्यक्ति कर्म...
रुद्राक्ष पहनिए भाग्य बदलिए By Pramod Sagar रुद्राक्ष के दाने में एक प्रकार की अदभुत चुंबकीय और विधुत शक्ति निहित रहती है - इस बात को केवल आध्यात्मिक जगत या...
CHEIRO’S LANGUAGE OF THE HAND Author- Cheiro Closer study inevilably brings fuller understanding and greater accuracy, and with the deepening of the interest the casually enquiring layman involuntarily develops into...
Author-- CM Shrivastava
भगवान भैरवदेव को रूद्र रूप माना जाता है i यह तत्काल सिद्धिपत्र है i जहां अन्य देवता दीर्घकाल की साधना के बाद कदाचित ही प्रस्नन होते है, वही भैरवदेव तुरंत फल देते है i ये इतने कृपालु एवं भक्त -वत्सल है की सामान्य -स्मरण एवं स्तुति से ही प्रसन्न होकर भक्त के संकटो का निवारण कर देते है i वेदो में रूद्र की जो भय - हरण कारी स्तुति की गई है और उपनिषदों में भयावह स्वरूपधारी होने से जिसके भय से इंद्रादि देवो के द्वारा अपने - अपने कर्म को करने का जो वर्णन हुआ है, वह भगवान् भैरवदेव की ही महिमा है i इतना ही नहीं, भैरव ही ब्रह्मा और विष्णु भी है i
विश्व में भैरवदेव की साधना सात्विक और तामस दोनों प्रकार से की जाती है i अपने श्रद्धावान साधक पर तो ये इतने प्रसन्न होते है की एक तरह से वह उसके वश में ही हो जाते है i यही सिद्धि की अवस्था है i बड़े -बड़े देवताओ और असुरो ने अलौकिक शक्तियां इनकी सिद्धि करके ही प्राप्त की थी i आप भी इनकी साधना -आराधना करके अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करे i
Author- Reki Master Mahesh Sharma यह एक ऐसी आधुनिक चिकित्सा पद्धति है, जो बिना किसी औषधि या चीर-फाड़ के असाध्य रोगों का उपचार करती है। यह शरीर क्रो निरोग और...
Author- Bramhrishi Harikrishan Changani ज्योतिष वेद पुरुष का नेत्र है…'ज्योतिषम वेद चक्षु:। ज्योतिष शास्त्र में प्राणियों की जन्मकाल संबंधी ग्रहस्थिति से उनके जीवन में घटित होने वाले शुभाशुभ कार्यों का निदेश क्रिया गया...