इस अभूतपूर्व नये अनुवाद और व्याख्या में, आध्यात्मिक गौरवग्रन्थ योगी कथाम्रत (ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ ए योगी ) के लेखक श्रीमद्भगवद्गीता के गुह्मतम सार को प्रकट करते हैं।
“ योगानन्दजी की व्याख्या, श्रीमद्भगवद्गीता के हृदय तक जाकर, (इसके ) गहन आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक सत्यों को प्रकट करती है।... आध्यात्मिक जीवन जीने की कला पर एक उत्कृष्ट ग्रन्थ |
……पब्लिशर्स वीकली ( Publishers Weekly)
“आध्यात्मिक विकास- मानव जाति की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण परन्तु सबसे कठिन और साहसी खोज - के लिए किए जाने वाले आंतरिक संघर्ष की एक महान गाथा।…….वह एक ऐसी पुस्तक है जिसका व्यक्ति जीवन भर अध्ययन कर सकता है और आनन्द ले सकता हैं।”
.......योगा इंटरनैशनल ( Yoga International )
“एक चिरस्मरणीय कार्य।...एक उत्कृष्ट आध्यात्मिक, साहित्यिक, एवं दार्शनिक कृति।'
......इण्डिया पोस्ट (India Post )
“'प्रेरणाप्रद एवं शक्तिदायक। योगानंदजी की व्याख्या की नवीनता... अद्वितीय मनोवैज्ञानिक अंतर्दृष्टि प्रदान करती है ... । इस शताब्दी के महान् योग गृरुओं में से एक के बोथप्रद शब्दों के माध्यम से भगवदूगीता के वास्तविक मर्म का अनुभव करें।...
.......योगा जर्नल ( Yoga Journal )
“अपनी गीता में योगानन्दजी सर्वोच्च कोटि के एक ऋषि और एक आध्यात्मिक वैज्ञानिक, आगामी विश्व सभ्यता के लिये योग के एक अवतार के रूप में सामने आते हैं। निःसदेह उनके इस कार्य का प्रभाव युगों तक बना रहेगा ।''
.......डॉ. वामदेव शास्त्री ( Dr David Frawley ), अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ़ वैदिक स्टडीज़ के निदेशक